TATSAVITURVARENYAM
Price: ₹ 36/-



Product Detail

Author Brahmavarchasva
Dimensions 12 X 18
Language Hindi
PageLength 144
Preface तत्सवितुर्वरेण्यं मानव जीवन का शाश्वत लक्ष्य है । जो जब कभी इस लक्ष्य से भटकता है, उसके जीवन को निराशा, हताशा, कुण्ठा, असफलता, रोग आदि स्वत: ही घेर लेते हैं । क्योंकि इस ध्येय से भटकने का मतलब है, प्रकाश, प्राण, पवित्रता, प्रखरता और ऊर्जा से अपने सभी सम्बन्ध तोड़ लेना । दरअसल सूर्य की तपन ही तो धरती का जीवन है । धरती पर ऐसा कुछ भी नहीं है, जो सूर्य से रहित हो । जिसका सूर्य से प्रत्यक्ष या परोक्ष सम्बन्ध न हो । ऐसी स्थिति में सूर्य से विहीन जीवन तो असम्भव है । हाँ सूर्य से जीवन के सम्बन्ध जितने गहरे, जितने परिपक्र होंगे, जीवन भी उतना ही प्रखर एवं प्रकाशित होगा । कुछ साल पहले “ अमेरिकी नेशनल ज्योग्राफिक पत्रिका “ में एक लेख छपा था, जिसका शीर्षक था “सूर्य हमारी माता है । “ इस लेख में ठोस वैज्ञानिक निष्कर्षों के आधार पर प्रतिपादित किया गया था कि सूर्य हमारी माता है । हम सूर्य को अपने भोजन में खाते हैं, सूर्य को अपने वस्त्रों में पहनते हैं, सूर्य को कोयले के रूप में जलाते हैं । अपना भोजन सूर्य के माध्यम से प्राप्त करते, पकाते और पचाते हैं । क्योंकि प्रत्येक वस्तु सूर्य का ही प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप है । सूर्य और जीवन परस्पर गुंथे हैं । सौर मण्डल में जो कुछ भी है वह सब का सब सौर विकीरण का ही तो भिन्न-भिन्न घनत्व है ।
Publication Yug Nirman Yojana Vistar trust, Mathura
Publisher Yug Nirman Yojana Press, Mathura
Size normal
TOC 1. भारतीय अध्यात्म का मर्म-सूर्य उपासना 2. चेतना का सौर मण्डल हमारा अंतःकरण 3. सूर्य उपासना की प्रवाहमान कालसरिता 4. सूर्य उपासना की सर्व व्यापकता 5. देवाधिदेव सूर्य का त्रिआयामी स्वरूप 6. गायत्री मंत्र का अधिष्ठाता-सूर्य 7. ऋषियों का अद्भुत अनुसंधान मधुविद्या 8. विराट प्राण पुरुष सविता देवता 9. प्रसुप्त को जगाने वाली- विश्वात्मा सूर्य की ध्यान-धारणा 10. रविवार उपवास का विज्ञान एवं विधान 11. सूर्य नमस्कार एक समग्र योग प्रक्रिया 12. ऋद्धि-सिद्धियों का द्वार है- सूर्यचक्र 13. सूर्यवेधन प्राणायाम से प्राणाग्रि का स्फुरण 14. सूर्यकिरणों से प्राकृतिक चिकित्सा 15. कृत्रिमता त्यागें, प्रकृति के प्रकाश को अपनायें 16. सौर ऊर्जा केन्द्रित ऋषियों का चिकित्सा विज्ञान 17. सूर्य साधना से सिद्धि का विज्ञान 18. जीवन विद्या के कुशल प्रशिक्षक: सूर्य 19. सूर्य उपासना से सम्बब्धित प्रमुख व्रत एवं पर्व 20. सूर्य साधना के सकाम प्रयोग 21. अक्षय ऊर्जा का भावी स्रोत-सूर्य 22. समूचा ब्रह्माण्ड एक चैतन्य शरीर 23. आसामान्य सौर हलचलों का विषम दौर



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